Manish Pandey Biography in Hindi: अगर आप क्रिकेट के फैन हैं, तो आपने मनीष पांडे का नाम जरूर सुना होगा। भारतीय क्रिकेट में कई सितारे आए और गए, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो अपने खेल और संघर्ष से हमेशा याद किए जाते हैं। मनीष पांडे भी उन्हीं में से एक हैं।
वह आईपीएल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज के रूप में मशहूर हैं और अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियाँ खेली हैं और घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया है। 2025 तक उनका करियर किस दिशा में जा रहा है? क्या वे भारतीय टीम में वापसी कर सकते हैं? इस लेख में हम उनके जीवन, करियर, आईपीएल रिकॉर्ड और लेटेस्ट अपडेट्स पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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Manish Pandey Biography in Hindi – मनीष पांडे कौन हैं?
अगर आप क्रिकेट के फैन हैं, तो आपने मनीष पांडे का नाम जरूर सुना होगा। लेकिन अगर आप नए फैन हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर ये खिलाड़ी कौन है और क्यों चर्चा में रहता है, तो आप सही जगह आए हैं! मनीष पांडे भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उनका जज़्बा और मेहनत उन्हें सबसे अलग बनाती है।
बचपन और क्रिकेट की शुरुआत
मनीष पांडे का जन्म 10 सितंबर 1989 को नैनीताल, उत्तराखंड में हुआ था, लेकिन उनका बचपन मुख्य रूप से बेंगलुरु में बीता। उनके पिता भारतीय सेना में थे, जिसकी वजह से वे अलग-अलग शहरों में घूमते रहे। लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ।
बचपन से ही क्रिकेट में रुचि रखने वाले मनीष ने बेंगलुरु की सैयद किरमानी क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग ली। वहाँ उन्होंने अपनी बल्लेबाजी तकनीक को निखारा और धीरे-धीरे कर्नाटक की रणजी टीम तक का सफर तय किया।
आईपीएल से मिली पहचान
अगर आप आईपीएल देखते हैं, तो आपको मनीष पांडे की कुछ धमाकेदार पारियाँ ज़रूर याद होंगी। उनकी किस्मत तब बदली जब उन्होंने आईपीएल 2009 में शानदार प्रदर्शन किया। उस समय वे रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की टीम का हिस्सा थे और उन्होंने 114 रनों की नाबाद पारी खेली। इससे वे आईपीएल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए।
इसके बाद, उन्होंने कई आईपीएल टीमों के लिए खेला, जिनमें शामिल हैं:
- कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) – 2014 में उनकी 94 रनों की पारी ने केकेआर को चैंपियन बना दिया।
- सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) – 2018 से 2021 तक इस टीम के लिए खेले।
- लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) – 2022 में इस टीम में शामिल हुए।
- दिल्ली कैपिटल्स (DC) – 2023 में खेले।
- कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) – 2024 में एक बार फिर अपनी पुरानी टीम में वापसी की।
अंतरराष्ट्रीय करियर
हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह भारतीय टीम के लिए खेले, और मनीष पांडे का भी यही सपना था। उन्होंने 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे और टी20 में डेब्यू किया। हालांकि उन्हें भारतीय टीम में ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन जब भी उन्हें खेलने का मौका मिला, उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।
- वनडे करियर: 29 मैचों में 566 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं।
- टी20 करियर: 39 मैचों में 709 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 44.31 रहा।
उनकी सबसे यादगार पारी 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई, जब उन्होंने 104 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सेंचुरी थी और इसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया।
घरेलू क्रिकेट में निरंतरता
अगर किसी क्रिकेटर को भारतीय टीम में अपनी जगह बनाए रखनी है, तो उसे घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है। और मनीष इस मामले में किसी से पीछे नहीं हैं।
रणजी ट्रॉफी 2024-25 में उन्होंने बिहार के खिलाफ 55 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल थे।
इसके अलावा, फरवरी 2022 में रेलवे के खिलाफ उन्होंने 121 गेंदों में 156 रन बनाए थे, जिसमें 10 छक्के और 12 चौके शामिल थे। इस प्रदर्शन के बाद लोगों ने उन्हें घरेलू क्रिकेट का ‘ब्रैडमैन’ कहना शुरू कर दिया।
मनीष पांडे की पर्सनल लाइफ
क्रिकेट के अलावा, मनीष पांडे की निजी ज़िंदगी भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने 2 दिसंबर 2019 को अभिनेत्री अश्रिता शेट्टी से शादी की। दोनों की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।
विवाद और संघर्ष
हर खिलाड़ी के करियर में कुछ विवाद और मुश्किलें आती हैं, और मनीष के साथ भी ऐसा हुआ। 2011 में, आईपीएल के नियमों के उल्लंघन के कारण उन्हें चार मैचों के लिए बैन कर दिया गया था।
लेकिन उन्होंने इससे सीखा और अपने खेल पर ज्यादा फोकस करना शुरू किया।
क्या मनीष भारतीय टीम में वापसी कर सकते हैं?
यह कहना मुश्किल है कि मनीष पांडे भारतीय टीम में दोबारा वापसी कर पाएंगे या नहीं। लेकिन उनकी फिटनेस और बल्लेबाजी कौशल अब भी शानदार हैं। अगर वे आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो एक बार फिर उन्हें भारतीय टीम में जगह मिल सकती है।
निष्कर्ष
मनीष पांडे भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा नाम है, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने खेल से साबित किया कि वे कितने टैलेंटेड हैं।
अगर आप एक युवा क्रिकेटर हैं या फिर खेल को पसंद करते हैं, तो मनीष पांडे से बहुत कुछ सीखा जा सकता है – मेहनत, धैर्य और कभी हार न मानने का जज़्बा!